****लड़ने और नफरत के लिए, तुमने खोजा वक्त कहां से.****…….


प्रेम प्रीत को वक्त नही जब, जीवन की आपा धापी में,
लड़ने और नफरत के लिए, तुमने खोजा वक्त कहां से………

दौलत दौलत करते मर गये, तेरे मेरे दादे परदादे,
दोनों हाथ ही खाली होंगे, जायेंगे जिस वक्त जहाँ से…………

नानक का ये देश है प्यारा, इसी में विवेकानन्द है जन्मे,
प्यारा है ये देश सदा ही, प्यार ही मिलता फक्त यहाँ से………

लालच की ये प्यास तेरी, खत्म ना होती रक्त बीज सी,
तेरी प्यास बुझा पाए जो, लाऊँ इतना रक्त कहां से………..

कब्र में कब के दफन हो गये, हिटलर, नेपोलियन ओ गाजी,
नफरत के सौदागरों अब, दूर हटो मेरे हिन्दोस्ताँ से………

4 thoughts on “****लड़ने और नफरत के लिए, तुमने खोजा वक्त कहां से.****…….

  1. saddam to mit gaya, saath mein bush bhi mit jayenga.
    taleban par jab ban aayengi to uska namonishan bhi jamindost ho jayenga
    Umra bachi hi hai kitni teri jo to lada ja raha
    hai ji jaan se
    Insaniyat se pyaar kar to marenga bhi tu shaan se

  2. saddam to mit gaya, saath mein bush bhi mit jayenga.
    taleban par jab ban aayengi to, uska namonishan bhi jamindost ho jayenga
    Umra bachi hi hai kitni teri, jo to lada ja raha
    hai ji jaan se
    Insan ban Insaan se pyaar kar, to marenga bhi tu shaan se

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