एक आम आदमी से, डरी सरकार क्यों ?………

वन्दे मातरम बंधुओं,

अन्ना के अनशन पे, इतना हाहाकार क्यों,
एक आम आदमी से, डरी सरकार क्यों ?………

हिटलर ओ नाजी से, पी एम् हुए हैं क्यों?
स्वतंत्र भारत में, स्वतन्त्रता पे वार क्यों?………

लोकपाल जबकि, सरकार लाना चाहती है,
लोकपाल पे आखिरश, खीची तलवार क्यों?………

बाबा रामदेव का, दमन ये कर चुकी,
हक मांगने वालों पे, करती अत्याचार क्यों?………

सत्ता से सडक तक, दलाल ही दलाल बस,
लोभी, लम्पट, लालचियों की, आई बहार क्यों?………

भ्रष्टाचार खत्म हो, है सबकी जुबान पे ये,
लोकपाल बनने में, फिर भ्रष्टाचार क्यों?………

लोकतंत्र जबकि, जनता के दम से है,
मेरे भारत वर्ष में, फिर लोकतंत्र की हार क्यों?………

6 thoughts on “एक आम आदमी से, डरी सरकार क्यों ?………

  1. सार्थक प्रश्न उठाया है आपने….
    आज सारे देश को अन्ना बन जाना चाहिए…. अब वक्त आ गया है ऐसे प्रश्न इस देश कि फिजां में न् केवल गूंजे बल्कि उत्तर मांगें….
    राष्ट्र पर्व की सादर बधाईयां…

  2. वन्दे मातरम चन्द्र भूषण जी,
    मेरी इस रचना को चर्चा मंच तक पहुचने के लिए आपका सादर धन्यवाद

  3. वन्दे मातरम हबीब जी,
    सच है आज जरूरत है की पूरा देश एक स्वर में कहे की मैं अन्ना हूँ ………… और उखाड फेंके इस फासिस्ट सरकार को

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