एक नजर इधर भी

सियासत में नजर आती जूतम पैजार जारी है
ये कैसी बदगुमानी है, कैसी ये बीमारी है।
जो कुत्तों की तरह लड़ते रहे, थे एक ही घर से,
कैसी राजनीती ये जो इंसानियत पे भारी है.
#UPMEJOOTAMPAIZAR

समझ सब आ गया हमको, क्यों तूने जी लगाया है,
साथ दुश्मन का देने का, वादा तूने निभाया है।
मिटे गर देश मिट जाए, तुझे क्या फर्क पड़ना है,
यूँ वोट उनके पाने का, कुविचार मन में आया है।
#राहुलगाँधीअजहरजी

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