सत्ता पे सवाल उठाना, मेरा अधिकार बनता है

मेरे सवाल उठाने पर, भड़कना है नही बाजिव,
पूछने और बताने से ही , ये संसार बनता है।
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जनता को जबाब देना, तेरा दायित्व बड़भागी,
सत्ता पे सवाल उठाना, मेरा अधिकार बनता है।
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तुझ पर सवाल उठाना, गद्दारी हो नही सकती,
फ़ौज पर जो सवाली है, वही गद्दार बनता है।
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तेरे ही दाम पर बिक जाए, तेरा माल नामुमकिन,
पल पल मोल भाव से ही, तो ये बाजार बनता है।
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जियाले इस धरा पर रोज पैदा हो नही सकते,
हजारों साल में मोदी सा, एक किरदार बनता है।
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ये दुनिया जब कभी भी तेरा लोहा मान लेती है,
विश्व से आगे चलने का तभी आधार बनता है।
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