दिल्ली में सीलिंग के मुद्दे पर केजरीवाल-पुरी में ट्विटर वॉर, आमने सामने केजरीवाल औऱ पूरी

आम आदमी पार्टी दिल्ली में सीलिंग को लोकसभा चुनाव का बड़ा मुद्दा बनाना चाहती है। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां की सातों लोकसभा सीटों पर कब्जा करने वाली बीजेपी इस मामले में काफी सतर्क है। यही वजह है कि केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक के बाद एक लगातार तीन ट्वीट कर दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के मुखिया अरविंद केजरीवाल पर जोरदार हमला बोला। पुरी ने सीलिंग पर बीजेपी और केंद्र सरकार का बचाव करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार दुष्प्रचार करने में जुटी है।
पुरी ने ट्वीट किया, ‘सीलिंग की चपेट से दिल्लीवासियों को स्थायी रूप से दूर रखने के लिए ठोस कदम उठाकर मैंने दिल्ली के मास्टर प्लान में संशोधन करवाए, लेकिन दिल्ली की एक स्थानीय पार्टी के नेता अपनी छलावे की राजनीति चमकाने के लिए अध्यादेश की मांग करके अपने समर्थकों को बहकाते रहे।’

केंद्रीय शहरी विकास राज्य मंत्री ने मीडिया की खबरों का हवाला देते हुए कहा कि रिहायशी इलाकों में सीलिंग रोकी जा चुकी है। उन्होंने लिखा, ‘सर जी, आज समाचार माध्यमों से पता चला कि चुनावों के चलते मॉनिटरिंग कमिटी ने रिहायशी इलाकों में तो सीलिंग रोक दी है, लेकिन वह व्यावसायिक इलाकों में सीलिंग जारी रखना चाहती है। मैं दिल्ली में किसी भी प्रकार की सीलिंग के खिलाफ हूं। आप बताइए सर जी, आप शोर मचाने के अलावा क्या करेंगे?’

पुरी ने दिल्ली के सीएम से पूछा कि अगर आप प्रचार करते फिर रहे हैं कि 48 घंटे में सीलिंग रुकवा सकते हैं तो फिर कुछ करते क्यों नहीं? उन्होंने ट्वीट में आप के संबंधित पैम्फ्लेट का स्क्रीनशॉट ट्वीट करते हुए पूछा, ‘आप तो पर्चे-पैम्फलेट बांटते फिर रहे हैं कि 48 घंटे में सीलिंग रुकवा सकते हैं। बस नारेबाजी करिएगा या कुछ ठोस भी करने की क्षमता है आप में? आप अपने लोगों से झूठ बोलते रहे कि सीलिंग केंद्र सरकार और निगम करवा रहे हैं। अब पता चला सीलिंग कौन कर रहा है, अब कुछ कर सकते हैं आप?’

दरअसल, केजरीवाल और पुरी के बीच सीलिंग के मुद्दे पर पहले से ट्विटर वॉर छिड़ा है। केजरीवाल ने 3 अप्रैल को पुरी को ट्वीट कर पूछा था, ‘दिल्ली के लोगों ने आपसे सैंकड़ों बार अपील की कि अध्यादेश लाकर सीलिंग रोक दीजिए। आप अध्यादेश क्यों नहीं लाए? लोगों को बेरोजगार कर दिया, दुकानें बंद कर दीं, घर बर्बाद कर दिए। क्यों?’ बाद में उन्होंने ट्वीट में ही दावा किया था कि अगर दिल्ली पूर्ण राज्य होता, वह 48 घंटे में सीलिंग बंद करवा देते।

गौरतलब है कि पुरी पहले ही कह चुके हैं कि दिल्ली का हर नागरिक जानता है कि सीलिंग सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित मॉनिटरिंग कमिटी की ओर से कराई जा रही है। इससे केंद्र या किसी भी निगम का कोई लेना-देना नहीं है। इस पर केजरीवाल ने कहा था कि उनकी सरकार ने केंद्र से कई बार कहा कि वह अध्यादेश लाकर सीलिंग रुकवाए, लेकिन उसने एक न सुनी। आम आदमी पार्टी का कहना है कि दिल्ली में कम-से-कम 20,000 दुकानें सील की गई हैं और केंद्र चाहे तो इन्हें तुरंत डीसील किया जा सकता है

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