बजरंगबली बनाम अली:- राजनीति का निम्नतम स्तर

हालिया चुनावी भाषणों को ध्यान से देखने पर हम पाएंगे कि भारतीय राजनीति में पतन का दौर चल रहा है, जहाँ एक ओर राजनेता भाषा की मर्यादा को भूल चुके है, वहीं दूसरी और चुनावी भाषणों में धार्मिक मर्यादाओं, आस्तिकों एवम प्रतीकों पर जबरदस्त हमले हो रहे है और पार्टियां चुनाव जीतने के लिए धर्म का जमकर दोहन कर रही है।

चुनाव आयोग स्पष्ट शब्दों में लगातार कह रहा है कि कोई भी पार्टी धर्म, मजहब, सम्प्रदाय, सेना के नाम पर वोट नही मांगेगा मगर लगता नही है कि किसी भी दल को चुनाव आयोग का कोई डर है, समभवत देश को टी एन शेषन जैसे मुख्य चुनाव आयुक्त की आवश्यकता है।

जहाँ चुनावी माहौल में धर्म के नाम पर वोट मांगना, वोटर को बहकाना, लालच में डालना, नेताओं का खास शगल बन चुका है. यूपी में अली और बजरंग बली को लेकर सभी पार्टियों के नेताओँ में चुनावी रेस लगी हुई है. सवाल ये है कि धर्म के नाम पर वोट की उगाही क्यों. चुनाव आयोग नोटिस पर नोटिस भेजे जा रहा है, सवाल पूछ रहा है कि जब कानून की किताब में साफ साफ लिख दिया कि धर्म के आधार पर वोट नहीं मांग सकते, तो नेताओं के चुनावी भाषण में हिंदू मुसलमान क्यों हो रहा है. लेकिन चुनाव आयोग के नोटिस हिंदुस्तान के नेताओं का हौसला डिगा दें तो फिर नेता ही क्या. लोकतंत्र का महासमर है, सत्ता की सबसे जबर्दस्त जंग है, जीत हर हाल में चाहिए, और जीत के शर्तिया हथियार हाथ में हैं तो फिर काहे का कायदा, और काहे का नोटिस, सब जायज है. चाहे सीधे सीधे वोटर को लुभाना हो चाहे दूसरों की गलतियां गिनाना का बहाना, नेताओं के भाषणों में धर्म का मुलम्मा नीचे से ऊपर तक चढ़ा है।

बड़ा सवाल यहाँ उठता है चुनावी समर में उतरते ही बजरंगबली और अली एक नजर आने लगते है, नेता मंदिर मंदिर घूमने लगते है, माथा टेकते हैं तिलक लगाते हैं, आरती उतारते है, लोगों की धार्मिक आस्था का हरसम्भव दोहन करने लगते हैं, मगर चुनावी तूफान के गुजरते ही धर्म का उफान उतर जाता है, लोगों के मुखारबिंद से साम्प्रदायिक जहर का झरना फूटने लगता है।

चुनावी मौसम में मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ का विवादित बयान भारतीय जनता पार्टी के भाषणों का अहम हिस्सा बन गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कमलनाथ के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें वह कथित पर यह कहते नजर आ रहे हैं कि कांग्रेस को सिर्फ मुसलमानों के वोट की जरूरत है.

शनिवार को मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे योगी आदित्यनाथ ने भोपाल में कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कह दिया कि आपको अली मुबारक, हमारे लिए बजरंग बली ही काफी हैं.

योगी ने क्या कहा

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘कमलनाथ जी का एक बयान मैं पढ़ रहा था, उन्होंने कहा कि हमें एससी-एसटी का वोट नहीं चाहिए, कांग्रेस को केवल मुस्लिमों के वोट चाहिए. कमलनाथ जी आपको अली मुबारक, हमारे लिए बजरंग बली पर्याप्त होंगे.’

दरअसल, कमलनाथ का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो कहते नजर आ रहे हैं कि हमें एससी-एसटी का वोट नहीं चाहिए, उनका वोट तो बीजेपी को भी मिलता है. हमें तो 90 प्रतिशत वोट मुसलमानों के चाहिए. अगर इससे कम वोट मिले तो हमें नुकसान होगा. हालांकि वीडियो की पुष्टि नहीं हुई है.

कमलनाथ के इस बयान को आधार बनाकार बीजेपी नेता कांग्रेस पर सांप्रदायिक राजनीति के आरोप लगा रही है. शनिवार को मंदसौर में रैली को संबोधित करते हुए खुद पीएम मोदी ने भी उनके इस बयान की निंदा की.

राहुल पर भी हमला

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा धार्मिक वस्त्रों में प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन की ओर सीधा इशारा करते हुए योगी आदित्यनाथ ने उन्हें ‘छद्मभेषी’ करार दिया. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा खुद को जनेऊधारी के रूप में प्रस्तुत करना भाजपा की वैचारिक विजय है.

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